डीप होल ब्लास्टिंग से स्वास्थ्य पर पड़ रहा सीधा असर
मुशहर बस्ती जहरीले खदान से पानी पीने को मजबूर
मांगें पूरी नहीं हुई तो 12 अगस्त से होगा जन आंदोलन
विद्रोही सामना संवाददाता
प्रयागराज। जनपद के यमुनानगर बारा तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सभा परवेजाबाद एवं धरा बांकीपुर में भारतीय किसान यूनियन प्रयाग के नेतृत्व में किसान मजदूरों ने बैठक की। ज्ञात हो कि बारा तहसील अंतर्गत आने वाले खनन क्षेत्रों में जो कि गांव से सटे हुए भी है जिस पर कुछ समय से डीप होल ब्लास्टिंग किया जा रहा है जिससे जहां पर्यावरण को नुकसान हो रहा है,वही ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर भी सीधा असर पड़ रहा है। खनन मजदूरों का कहना है कि पूरे पहाड़ी क्षेत्र में पांच हजार मजदूर कार्य करते थे। जबसे क्रेशर मशीन लगाया गया है तब से हम लोगों द्वारा हाथ से फोड़े गए बालू को कोई नहीं लेता। जबकि खनन पट्टा धारक ने जब पट्टा करवाया था तब उसने वादा किया था कि सारा खनन हाथ से किया जायेगा। लेकिन अब पट्टा धारक खुद क्रेशर लगवा कर सिर्फ क्रेशर का ही माल ले रहा है।जिससे खनन मजदूर भुखमरी का शिकार हो रहे है। वहीं अगर मुसहर बस्ती की बात की जाए तो मूलभूत सुविधाओं से कोसों दूर है। जल निगम द्वारा पाइप तो डाला गया है लेकिन आज तक उसमें पानी नहीं आ सका।जिससे मुसहर बस्ती के लोग खदानों के जहरीले पानी पीने को मजबूर है। बैठक के उपरांत भारतीय किसान यूनियन प्रयाग के प्रदेश अध्यक्ष के के मिश्रा द्वारा उपजिलाधिकारी बारा को लिखित ज्ञापन दिया गया।जिसमें खनन मजदूर और मुसहर बस्ती से जुड़े सारे बिंदुओं से अवगत कराया। ग्रामीणों की मुख्य मांगे हैं कि स्टोन चक्की में मजदूरों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित हो, ठेकेदारों द्वारा मशीनों के उपयोग पर प्रतिबंध लगे, मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी के अनुसार भुगतान हो, स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाए। के० के० मिश्रा ने कहा कि यह व्यवस्था गरीब किसानों और मजदूरों के जीविकोपार्जन पर सीधा प्रहार है।और आगे कहा गया कि अगर सभी बिंदुओं को संज्ञान में लेकर कार्यवाही नहीं की गई तो भारतीय किसान यूनियन प्रयाग 12 अगस्त से मुसहर बस्ती में धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होगा। जिसकी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। बैठक में मुख्य रूप से जिला उपाध्यक्ष ऋषि पांडेय,रूपेंद्र यादव, सुनील पटेल, दिनेश पटेल,अखिलेश पटेल उर्फ लाखा,राजेंद्र पटेल,बाबा पटेल, गुलाब पटेल,अमर सिंह,सुरेश प्रकाश,प्रेम कुमार,सुनीता,बलाला पटेल,विवेक,कटारी,सहित सैकड़ों महिला किसान मजदूर उपस्थित रहे।






