कल्पवृक्ष से भी बढ़कर महापुराण का श्रवण: पं.रामजी शास्त्री
सर्व समाज जनहित पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के घर श्रीमदभागवत कथा
गोपीगंज। कलयुग में श्रीमद् भागवत महापुराण का श्रवण कल्पवृक्ष से भी बढ़कर है। कल्पवृक्ष मात्र अर्थ,धर्म और काम ही दे सकता है,मुक्ति और भक्ति नही दे सकता है,लेकिन श्रीमद् भागवत तो दिव्य कल्पतरु है यह अर्थ,धर्म,काम के साथ साथ भक्ति और मुक्ति प्रदान करके जीव को परम पद प्राप्त कराता है। कथा श्रवण से दिव्य ज्ञान की प्राप्ति हो जाती हैl कोतवाली-गोपीगंज क्षेत्र के जोगिनका गांव मे मंगलवार को संगीत मय श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ करते हुए कथा व्यास पंडित रामजी शास्त्री ने उक्त बातें कही।
भीष्म और कुंती का स्तुति गान करते हुये कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद् भागवत केवल पुस्तक नही साक्षात श्रीकृष्ण स्वरुप है। इसके एक एक अक्षर में श्रीकृष्ण समाये हुये है।उन्होंने कहा कि कथा सुनना समस्त दान, व्रत, तीर्थ, पूण्यादि कर्मो से बढ़कर है। धुन्धकारी जैसे शराबी, कवाबी,महापापी, प्रेतआत्मा का उद्धार हो जाता है। इसके साथ साथ भागवत के छह प्रश्न, निष्काम भक्ति, 24 अवतार श्री नारद जी का पूर्व जन्म,परीक्षित जन्म, कुन्ती देवी के सुख के साथ साथ परीक्षित को श्राप कैसे लगा तथा भगवान श्री शुकदेव उन्हे मुक्ति प्रदान करने के लिये कैसे प्रगट हुये इत्यादि कथाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के पूर्व सपत्नी मुख्य यजमान द्वारिका सिंह ,विभूति नारायण सिंह ने आरती पूजन कर कथा का शुभारंभ किया। आचार्य सत्येश पांडेय,पं.लल्लन पांडेय,पं.विपिन पांडेय,सिंटू शुक्ला,ओमप्रकाश सिंह,डा.शैल बहादुर सिंह, डा.अखिलेश सिंह,अतुल कुमार सिंह, धनेश पंडा आदि रहे।






