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मिशन शक्ति फेज-5.0 : बिहार थाना पुलिस टीम ने मानवीयता पेश कर दिखाई संवेदनशीलता▪️समय पर पहुंची पुलिस बनी मसीहा : गर्भवती महिला को सुरक्षित पहुंचाया अस्पताल, जन्मी नन्ही परी▪️पुलिसिंग सिर्फ कर्तव्य ही नहीं, बल्कि मानवीय जिम्मेदारी भी है : मिशन शक्ति प्रभारी रेखा दुबे

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सुमेरपुर (उन्नाव)। उन्नाव जिले की बिहार थाना पुलिस ने इंसानियत और मानवीयता का ऐसा मिसाल पेश किया है, जिसने सभी का दिल जीत लिया। मिशन शक्ति अभियान फेज- 5.0 के तहत थाना बिहार की पुलिस टीम ने रविवार को एक गर्भवती महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाकर न सिर्फ उसकी जान बचाई बल्कि एक नए जीवन का स्वागत करने में भी अहम भूमिका निभाई। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मिशन शक्ति का मूल उद्देश्य महिलाओं और बेटियों को सुरक्षा व सम्मान प्रदान करना है। बिहार थाना पुलिस की यह तत्परता इसी उद्देश्य को सार्थक करती है। पुलिस अधीक्षक उन्नाव जय प्रकाश सिंह के कुशल निर्देशन और मार्गदर्शन में पुलिस की यह सक्रियता हर वर्ग में सराही जा रही है।
बतातें चलें कि बिहार थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सांझामऊ की रहने वाली कामिनी पत्नी रोहित कुमार अचानक प्रसव पीड़ा से जूझ रही थी। परिवार की मदद के लिए संसाधन सीमित थे और हालत गंभीर होती जा रही थी। सूचना पर थाना बिहार मिशन शक्ति केन्द्र प्रभारी रेखा दुबे और महिला कांस्टेबल रूपा तुरंत हरकत में आईं और स्वास्थ्य विभाग की एएनएम अमृता सिंह के सहयोग से गर्भवती महिला को सुरक्षित और समय से अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने महिला का सफल प्रसव कराया और उसने एक नन्ही परी को जन्म दिया। सबसे बड़ी राहत की खबर यह रही कि माँ और बच्ची दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।गांव के लोगों ने इस कदम को “अभूतपूर्व” बताते हुए कहा कि पुलिस ने सिर्फ एक महिला ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार को राहत दी है। यदि थोड़ी सी भी देर होती, तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। थाना बिहार मिशन शक्ति केन्द्र प्रभारी उप निरीक्षक रेखा दुबे ने कहा कि “यह हमारा कर्तव्य ही नहीं, बल्कि मानवीय जिम्मेदारी भी है कि किसी भी जरूरतमंद तक समय पर मदद पहुंचे। आज मां और बेटी दोनों स्वस्थ हैं, यही हमारी सबसे बड़ी सफलता है।” इस घटना के बाद इलाके में पुलिस की छवि और भी मजबूत हुई है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस टीम का आभार जताते हुए कहा कि यह उदाहरण आने वाली पीढ़ियों को यह सिखाएगा कि पुलिस सिर्फ सख्ती का नाम नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और मानवीयता का प्रतीक भी है।

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