Home जीवन शैली सात फेरों के संग बंधा अटूट बंधन

सात फेरों के संग बंधा अटूट बंधन

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लालगंज (रायबरेली)। लालगंज कस्बे के सर्राफा मंडी निवासी वरिष्ठ भाजपा नेता प्रतिष्ठित ज्वैलर्स व्यवसायी एवं सरस्वती शिशु मंदिर के प्रबंधक कैलाश बाजपेई एवं गीता बाजपेई की सुपुत्री आयुष्मति अंकिता बाजपेई का शुभ विवाह शनिवार , 25 अप्रैल को पुरवा ब्लॉक के ममरेजपुर पनहन निवासी ग्राम प्रधान संतोष दीक्षित के भतीजे एवं प्रतिष्ठित अशोक दीक्षित के सुपुत्र चिरंजीव आशुतोष दीक्षित के साथ हर्षोल्लास एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। विवाह समारोह में दोनों पक्षों के परिजनों, रिश्तेदारों और गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को यादगार बना दिया। बताते चलें कि सायंकाल जनपद उन्नाव के पुरवा ब्लॉक के ममरेजपुर पनहन गाँव से सजी-धजी बारात करीब सैकड़ों चार पहिया वाहनों के काफिले के साथ पूरे सम्मान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ लालगंज कस्बा स्थित बजरंग उत्सव लॉन पहुंची, जहां कन्या पक्ष की ओर से भव्य स्वागत की तैयारी की गई थी। द्वार पर वधू के उमानाथ बाजपेयी, विश्वनाथ बाजपेयी, आदित्य बाजपेयी, राजकुमार बाजपेयी एवं परिवार के वरिष्ठजनों ने वर पक्ष के चन्द्रबोधन दीक्षित, ब्लॉक प्रमुख योगेश बाजपेई, ग्राम प्रधान संतोष दीक्षित, अशोक दीक्षित, दीपू तिवारी सहित सभी आगंतुकों का पुष्पहार पहनाकर उपहार भेंट कर आत्मीय अभिनंदन किया। उसके पश्चात पारंपरिक द्वारपूजन की रस्म विधि-विधान से सम्पन्न हुई, जिसके साथ ही वातावरण मंगल गीतों और शहनाई की मधुर धुनों से गूंज उठा। पारंपरिक रथ और फूलों की वर्षा से हटकर आयोजित इस विवाह समारोह ने अपने अनोखे और जादुई अंदाज़ ‘मिरर एंट्री’ से हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया। वर-वधू की मंच पर एंट्री किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं रही। जैसे ही संगीत की मधुर धुन बदली और विशेष प्रभावों का धुआं फैला, विशाल दर्पण पारदर्शी हो उठा। दर्पण के पीछे से लेजर लाइट और कोल्ड स्पार्कलर का अद्भुत संयोजन ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो नवयुगल किसी दूसरी दुनिया से अवतरित हो रहा हो। दर्पण पर बचपन की यादों की झलकियां दिखने के बाद जैसे ही शीशा हटा, मुस्कुराते दूल्हा-दुल्हन को देख पूरा समारोह स्थल तालियों की गूंज से भर उठा। दूल्हे का शाही अंदाज़ और दुल्हन का लाल जोड़ा आकर्षण का केंद्र रहा। इसके पश्चात सजे-धजे मंच पर जयमाल की रस्म संपन्न हुई। आचार्य अवध बिहारी शास्त्री के मंत्रोच्चार के बीच वैदिक परंपरा से सात फेरे सम्पन्न कराए गए। कन्यादान की भावुक रस्म वधू के पिता कैलाश बाजपेई व माता गीता बाजपेई ने श्रद्धापूर्वक निभाई। पूरे समारोह में सादगी, संस्कृति और आधुनिकता का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने इस विवाह को यादगार बना दिया। समारोह में पारिवारिक आत्मीयता, पारंपरिक संस्कार और सामाजिक एकजुटता का जो दृश्य उपस्थित हुआ, वह क्षेत्र की सांस्कृतिक अस्मिता और सामूहिक सौहार्द का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया। शुभकामनाओं और आशीर्वाद के बीच अंकिता और आशुतोष के नए जीवन की मंगलकामना के साथ यह वैवाहिक उत्सव संपन्न हुआ।
इस अवसर पर पूर्व विधि एवं न्याय मंत्री गिरीश नारायण पाण्डेय के बेटे एवं वरिष्ठ भाजपा नेता अनंत पाण्डेय ऊर्फ अनूप पाण्डेय एवं अजय पाण्डेय, ब्लॉक प्रमुख सुमेरपुर योगेश बाजपेई, निवर्तमान विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह, चेयरमैन डलमऊ ब्रिजेश दत्त गॉड, चेयरमैन सरिता गुप्ता, कांग्रेस नेता दीपेंद्र गुप्ता, मण्डल अध्यक्ष मनोज अवस्थी, प्रो. डॉ. अविनाश कुमार सिंह, रविंद्र सिंह, राम प्रताप सिंह, व्यापार मंडल अध्यक्ष विवेक शर्मा, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पशुपति शंकर बाजपेई व रामदेव पाल, बीएमपीएस के प्रबंधक सुनील सिंह, राकेश पाण्डेय, राम प्रताप सिंह, पूर्व मण्डल अध्यक्ष शिव प्रकाश पाण्डेय, राम गोपाल त्रिपाठी, राज कुमार बाजपेई, उमानाथ बाजपेई, विश्वनाथ बाजपेई, ललित बाजपेई, कौशिक बाजपेई, रमा शंकर बाजपेई, पूर्व विधानसभा संयोजक चन्द्र प्रकाश पाण्डेय, आलोक बाजपेई, देश दीपक पाण्डेय, अक्षत पाण्डेय, अर्पित बाजपेई ऊर्फ हरिओम, समीर मिश्रा, अमन बाजपेई सहित राजनीतिक-सामाजिक हस्तियाँ और रिश्तेदार और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में शामिल होकर नवदंपति शुभाशीष प्रदान करके विवाह के साक्षी बने।

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