महराजगंज। श्री परमहंस आश्रम, इटवा में आयोजित विशाल भंडारे के अवसर पर स्वामी श्री अड़गड़ानंद महाराज जी के परम शिष्य स्वामी श्री नारद महाराज जी ने भक्तों को आध्यात्मिक प्रवचन से अभिभूत किया। कार्यक्रम में दूर-दूर से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
स्वामी नारद जी महाराज का जीटी रोड स्थित इटवा गांव के सामने भक्तों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। जयकारों और भक्ति भाव के साथ वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग गया।
अपने प्रवचन में महाराज जी ने आत्म-साक्षात्कार, धर्म और आध्यात्मिकता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जीवन में सच्ची सफलता और शांति पाने के लिए आत्म-ज्ञान आवश्यक है। जब मनुष्य अपने वास्तविक स्वरूप को पहचान लेता है, तभी उसका जीवन सार्थक बनता है।
उन्होंने ‘यथार्थ गीता’ के महत्व को बताते हुए कहा कि यदि व्यक्ति अपने जीवन के मूल उद्देश्य को समझ ले, तो उसका जीवन सुखमय हो जाता है। साथ ही उन्होंने भगवान की शरण में रहने तथा ‘ॐ’ और ‘राम’ नाम का जप करने की सलाह दी।
भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर महाराज जी का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर संत संतेबाबा ने स्वामी नारद जी महाराज का स्वागत किया।
कार्यक्रम में विनोद यादव (प्रधान, इटवा), अजय बिंद, कैलाश नाथ बिंद, दशरथ बिंद (पूर्व प्रधान), धर्मेंद्र जायसवाल, संतोष कुमार सिंह, श्रीनिवास दुबे, लल्लन पटेल, धनंजय विश्वकर्मा, ननकू मिश्रा, मुख्तार यादव, स्वराज यादव सहित अनेक गणमान्य एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। भक्ति और श्रद्धा से ओत-प्रोत इस आयोजन ने क्षेत्र में आध्यात्मिक जागरूकता का संदेश प्रसारित किया।






