Home राज्य उत्तर प्रदेश रौद्र रूप में बढ़ रहा गंगा और यमुना का जलस्तर

रौद्र रूप में बढ़ रहा गंगा और यमुना का जलस्तर

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जहां चलने चाहिए वाहन वहां चल रही नाव

विद्रोही सामना संवाददाता

प्रयागराज। गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बाढ़ का पानी कछारी इलाकों के बाद अब बस्तियों की ओर बढ़ रह है। प्रशासन के आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले के तीन गांव और 17 मुहल्ले बाढ़ की चपेट में हैं। इसमें फूलपुर तहसील के दो और करछना तहसील का एक गांव है। गुरुवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की सहायता के लिए छह नौका का संचालन किया गया। गुरुवार को सायं चार बजे तक बाढ़ के परिदृश्य पर नजर डालें तो गंगा और यमुना का पानी खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है। जलस्तर इसी तरह से बढ़ता रहा तो कई बस्तियां और मुहल्ले पानी में डूब सकते हैं। फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 82.60 पर पहुंच गया है और यहां पर जलस्तर की वृद्धि जारी है। छतनाग में जलस्तर 82.14 पर है। फाफामऊ और छतनाग में खतरे का बिंदु 84.738 है। नैनी में यमुना का जलस्तर 82.61 मीटर पर पहुंच गया है और बढ़ोत्तरी जारी है। यहां भी खतरे का निशान 84.738 है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार 17 मुहल्ले बाढ़ की चपेट में हैं। इसमें ज्यादातर मुहल्ले प्रयागराज नगर निगम के अंतर्गत आते हैं।इसमें सदर तहसील के 14 मुहल्ले कछार मऊ/सरैया, राजापुर देह माफी, असदुल्लापुर मोहम्मदाबाद, बेली कछार, बेली उपरहार, बघाडा जहूरउद्दीन, बघाडा बालन, बखतियारा, मयोराबाद, नकौली, नेवादा के अलावा फूलपुर तहसील के सोनौटी, बदरा और करछन तहसील का देहली भगेसर गांव बाढ़ की जद में हैं। पांच परिवारों के 22 सदस्य राहत शिविर में शरण लिए हैं। प्रशासन के अनुसार फसलों को कोई नुकसान नहीं हुआ है। सदर तहसील में 26, सोरांव में सात, फूलपुर में 13, करछना तहसील में 20, मेजा में 11, बारा में नौ, हंडिया में छह और कोरांव में तीन कुल 95 राहत शिविर बनाए गए हैं।

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