लखनऊ।अगले अगस्त महीने से यूपी विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने वाला है। सरकार को घेरने के लिए विपक्ष ने पूरी तैयारी कर ली है। इसमें स्कूल विलय प्रमुख मुद्दा होगा। इसके अलावा बेरोजगारी और महंगाई भी अहम मुद्दे हैं।उत्तर प्रदेश में आगामी महीने से शुरू होने वाला विधानसभा सत्र इस बार काफी हंगामेदार रहने वाला है। विपक्षी दल खासकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस, योगी सरकार को स्कूल मर्जर, कानून व्यवस्था, ट्रांसफर-पोस्टिंग विवाद और पंचायत चुनाव 2026 जैसे अहम मुद्दों पर घेरने की तैयारी में हैं।उत्तर प्रदेश विधान मंडल (विधान सभा और विधान परिषद) का 2025 का मानसून सत्र आगामी 11 अगस्त से शुरू होगा। एक आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, यह सत्र सोमवार, 11 अगस्त को पूर्वाह्न 11:00 बजे विधानसभा भवन में आहुत किया जाएगा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा इस सत्र को बुलाया गया है। अधिसूचना उत्तर प्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे द्वारा जारी की गई है।
बता दें कि इससे पहले विधानसभा का पिछला सत्र 18 फरवरी से 5 मार्च 2025 तक आयोजित हुआ था। आगामी सत्र में भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है। विपक्षी दलों की रणनीति साफ है कि योगी सरकार द्वारा हाल ही में लिए गए स्कूलों के विलय (मर्जर) जैसे निर्णयों पर सरकार को घेरना। इसके अलावा राज्य की कानून-व्यवस्था, किसान-नौजवान, बेरोजगारी, महंगाई, अधिकारियों के तबादलों में अनियमितताओं और पंचायत चुनावों की तैयारियों पर भी विपक्ष सवाल उठा सकता है।वहीं, जानकारों की मानें तो यह सत्र आगामी यूपी विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिहाज से भी बेहद अहम माना जाएगा। ऐसे में विपक्ष अपनी सियासी धार तेज करेगा, जबकि सत्तारूढ़ भाजपा सरकार विकास योजनाओं और कानून व्यवस्था में सुधार की बातों को प्रमुखता से रखेगी।






