
सुख-दुःख जीवन के दो पहलू हैं और जीवन एक संघर्ष है जिला मंत्री राजेश तिवारी ईश्वर को हर समय हर पल याद रखना चाहिए,सुख हो या दुःख हर स्थिति में सत्य एवं न्याय पर रहना चाहिए ।ईश्वर को हर समय हर पल याद रखना चाहिए

सुख-दुःख जीवन के दो पहलू हैं और जीवन एक संघर्ष है जिला मंत्री राजेश तिवारी
ईश्वर को हर समय हर पल याद रखना चाहिए,सुख हो या दुःख हर स्थिति में सत्य एवं न्याय पर रहना चाहिए ।
प्रयागराज।सुख-दुःख जीवन के दो पहलू हैं और जीवन एक संघर्ष है यह अभिव्यक्ति एशोसिएशन बोरिंग टेक्नीशियन प्रयागराज के जिला मंत्री राजेश तिवारी ने वरिष्ठ समाजसेवी पं० रामशिरोमणि तिवारी से उनके स्व०पत्नी के वार्षिक-श्राद्ध के कार्यक्रम पर उनके निज निवास चौकी-बगहा मेजा प्रयागराज में कही।स्पष्ट कराते चले कि जिला मंत्री एवं वरिष्ठ समाजसेवी श्री तिवारी के बीच बहुत ही अभिन्न पारिवारिक रिश्ते हैं और दोनों ही सम्भ्रान्त जन एक-दूसरे के सुख-दुःख में सदैव साथ-साथ रहते हैं।जिला मंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस संसार में आना और जाना लगा ही रहता है।कोई इस मृत्युलोक से आगे तो कोई पीछे परन्तु इस धरती से प्रत्येक प्राणी को एकदिन इस धरती को छोड़ कर जाना ही है।यही इस जगत का सार्वभौमिक सत्य है।जिला मंत्री ने आगे यह भी कहा कि हमें मानव तन इसलिए मिला है कि सत्य एवं न्याय को अपने आत्मा में धारण कर मानवता के प्रत्येक पहलू पर खरे उतरे तभी हम मानव कहलाने के वास्तविक हकदार हैं अन्यथा जगत के अन्य प्राणी और मनुष्य में क्या अन्तर है।ईश्वर को हर समय,हर पल याद रखना चाहिए, सुख हो या दुःख हर स्थिति में सत्य एवं न्याय पर रहना चाहिए।जिला मंत्री ने अपने आध्यात्म चक्षु के उत्सर्जित ज्ञान वाणी में वर्णित किया कि क्यू कहता है मेरा-मेरा।सच में रे पगले कोई न तेरा रे,जगत में कोई न तेरा रे।जिला मंत्री ने आगे यह भी कहा कि यहाँ पुर्व जन्म के कर्मानुसार कोई पिता तो कोई माता तो कोई भाई तो कोई मित्र हैं।सबको अपने पूर्व जन्म के कर्म के अनुसार स्थान प्राप्त हुए हैं।इस जन्म के कर्म के अनुसार अगला सम्बन्ध प्राप्त होगा।केवल सत्य एवं न्याय जो ईश्वर का मूल स्वरूप है वही मानव का अपना असिला साथी है जो अगले जन्म को परिलक्षित करेगा।इस मार्मिक आध्यात्मिक वार्ता के दौरान चाड़ी करछना के पाण्डेय जी,जयराम का पूरा मेजा के शुक्ला जी सहित आस-पास बहुतायत गणमान्य जन उपस्थित रहे।






