
प्रयागराज। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह की “रोजगार दो–सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा शुक्रवार को प्रयागराज जनपद की सीमा में प्रवेश करते ही जनसमर्थन की लहर में बदलती दिखी। मऊआइमा पहुंचते ही लोगों का उत्साह देखते ही बनता था। कार्यकर्ताओं, युवाओं, व्यापारियों और ग्रामीणों ने फूल-मालाओं और गगनभेदी नारों के साथ संजय सिंह का गर्मजोशी से स्वागत किया। पूरा इलाका “रोजगार दो–सामाजिक न्याय दो” के नारों से गूंज उठा।
बतातें चलें कि पदयात्रा का नेतृत्व करते हुए सांसद संजय सिंह अयोध्या के सरयू तट से प्रयागराज के संगम तट तक लगातार पैदल चल रहे हैं। इस यात्रा का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक संस्थानों की पारदर्शिता के मुद्दों पर जागरूक करना है। मऊआइमा में स्वागत के दौरान ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि इम्तियाज शमी ने कहा कि यह पदयात्रा उत्तर प्रदेश के युवाओं की आवाज़ बनकर उभर रही है। उन्होंने कहा कि संजय सिंह जिस साहस और दृढ़ता से निकलकर आए हैं, उससे जनता की उम्मीदें एक बार फिर जागृत हुई हैं। UP 9 न्यूज़ से खास बातचीत में सांसद संजय सिंह ने भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोजगार के नाम पर सिर्फ झूठे सपने दिखाए गए। युवाओं को नौकरियों का इंतज़ार है, लेकिन सरकार सिर्फ दिखावटी घोषणाओं में व्यस्त है। सामाजिक न्याय की आवाज़ को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे लोकतंत्र कमजोर होता है। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता संकट में है। जिस SIR सिस्टम की बात हो रही है, उसका सीधा लाभ भाजपा को मिलने की आशंका है। जनता को सतर्क रहना होगा। जैसे ही पदयात्रा मऊआइमा बॉर्डर पर दाखिल हुई, स्थानीय लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। छोटे-बड़े दुकानदार, किसान, युवा और महिलाएं तक इस पदयात्रा का हिस्सा बनने के लिए आगे आए। लोगों ने संजय सिंह के समर्थन में नारे लगाए और प्रदेश में रोजगार व सामाजिक न्याय की बहाली की मांग को बुलंद किया। पदयात्रा के दौरान वातावरण पूरी तरह उत्साह, जोश और उम्मीद से भरा हुआ था। संजय सिंह ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह लड़ाई केवल एक व्यक्ति या पार्टी की नहीं, बल्कि उन करोड़ों युवाओं की है जो अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। प्रयागराज की धरती पर कदम रखते ही पदयात्रा ने नया वेग पकड़ लिया, जिससे साफ हो गया कि यह आंदोलन जनता के दिलों में गहरी पैठ बना रहा है। यह पदयात्रा आगामी दिनों में प्रयागराज जिले के कई क्षेत्रों से गुजरेगी और रोजगार व सामाजिक न्याय की दिशा में नई बहस को जन्म देगी।






