
प्रयागराज। पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के निर्देशन में चलाए जा रहे राज्यव्यापी ‘नए आपराधिक कानूनों के प्रति जागरूकता अभियान 2.0’ के तहत जोन गंगानगर के थाना नवाबगंज पुलिस द्वारा विद्यार्थियों और शिक्षकों को नए कानूनों की जानकारी दी गई। इस अभियान का आयोजन पुलिस आयुक्त प्रयागराज व अपर पुलिस आयुक्त के निर्देशन, पुलिस उपायुक्त गंगानगर एवं अपर पुलिस उपायुक्त गंगानगर के कुशल पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त सोरांव के नेतृत्व में किया गया।
बतातें चलें कि नवाबगंज पुलिस टीम ने शनिवार, 01 नवम्बर 2025 को एस0पी0 मेमोरियल इण्टरमीडिएट कॉलेज, आनापुर नवाबगंज और फौजी कॉन्वेंट इण्टरमीडिएट कॉलेज, लालगोपालगंज में पहुँचकर छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को भारत में लागू हुए तीन नए आपराधिक कानूनों- भारतीय न्याय संहिता (BNS)-2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS)-2023 तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)-2023 के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ये तीनों नए कानून 01 जुलाई 2024 से प्रभावी हो चुके हैं, जिनका उद्देश्य न्याय व्यवस्था को अधिक पीड़ित-केंद्रित, पारदर्शी और व्यावहारिक बनाना है। उन्होंने यह भी समझाया कि अब पुराने कानूनों- भारतीय दण्ड संहिता (IPC), दण्ड प्रक्रिया संहिता (CrPC) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (IEA) को समाप्त कर इनके स्थान पर ये नए कानून लागू किए गए हैं। नवाबगंज पुलिस द्वारा छात्रों और शिक्षकों को इन नए कानूनों की प्रमुख विशेषताओं जैसे- ‘शून्य एफआईआर’ (Zero FIR), E-FIR की सुविधा, समयबद्ध न्याय, महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े प्रावधान, नये अपराधों की परिभाषा, तथा फोरेंसिक तकनीक के अनिवार्य उपयोग के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं व शिक्षकों ने नए कानूनों के प्रति गहरी रुचि दिखाई और पुलिस टीम से विभिन्न प्रश्न पूछे। पुलिस अधिकारियों ने सभी प्रश्नों के उत्तर देकर प्रतिभागियों को यह संदेश दिया कि नए कानूनों का उद्देश्य समाज में न्याय-सुलभ, संवेदनशील और त्वरित न्याय व्यवस्था स्थापित करना है। नवाबगंज पुलिस ने यह भी बताया कि इस तरह के जनजागरूकता कार्यक्रम आगे भी निरंतर आयोजित किए जाएंगे ताकि आमजन, विशेषकर युवाओं में कानून के प्रति सकारात्मक समझ और जिम्मेदारी का भाव विकसित हो सके।






