
सपा नेत्री अंजनी सरोज पर दर्ज मुकदमें का मामला तूल पकड़ा
ज्ञानपुर। समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव के नेतृत्व में जिलाधिकारी से मिला। प्रतिनिधि मंडल ने पीडीए पाठशाला को लेकर सपा नेत्री अंजनी सरोज पर दर्ज मुकदमे को लेकर नाराजगी जतायी। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मुकदमा वापस नही हुआ तो सपा बड़ा आन्दोलन करेंगी।
सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव ने कहा कि भाजपा सरकार की शिक्षा विरोधी नितियों के खिलाफ समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का गाँव-गाँव जाकर पी०डी०ए० पाठशाला के माध्यम से गाँव के बच्चों में शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित किया जा रहा था, जिसके चलते सरकार शिक्षा विरोधी नितियां (मर्जर) वापस ले लिया है। शिक्षा विरोधी नितियों का विरोध करना संवैधानिक एवं लोकतान्त्रिक तरीके से सपा नेत्री अंजनी सरोज द्वारा किया जा रहा था जो राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा जनवरी से पी०डी०ए० जन पंचायत के माध्यम से गाँव-गाँव चलकर पार्टी के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ शिक्षा के प्रति अविभावको एवं संरक्षको को प्रेरित किया जा रहा था। ऐसी स्थिति में प्रचार-प्रसार के माध्यम से शिक्षा के प्रति जागरूकता की जा रही थी जिसके फलस्वरूप श्रीमती अंजनी सरोज के विरूद्ध फर्जी मुकदमा लिखवाकर लोकतान्त्रिक अधिकार का हनन किया गया है, जिससे कि हम समाजवादी पार्टी के लोग अपनी बात को लोकतान्त्रिक ढंग से न कह सके।
कहा कि अंजनी सरोज पर कायम किये गये फर्जी मुकदमें को वापस लिया जाय। इसी तरह से पहले भी फर्जी मुकदमा लिखकर कार्यकर्ताओं हताश करने का प्रयास किया जा रहा है। इसे अब समाजवादी पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी। मुकदमा वापस नहीं हुआ तो पार्टी बड़ा आन्दोलन करने बाध्य होगी।
इस मौके पर सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव, कल्लन यादव,शैलेश सिंह,मन्टु, लालबहादुर बिंद, काशीनाथ पाल, कमलेश यादव, गामा प्रसाद यादव, रामधनी कनौजिया, जिला मीडिया प्रभारी धर्मेन्द्र कुमार मिश्र पप्पू आदि शामिल रहे।






