
कुएं का दूषित पानी पीने को मजबूर ग्रामीण, स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा
विद्रोही सामना संवाददाता
प्रयागराज। यूपी में अगले साल पंचायत चुनाव होने हैं, सभी दावेदारों का अब हर चौखट आना जाना शुरू हो जाएगा। तमाम दावे और तमाम लुभावने वादे भी किए जाएंगे, लेकिन हकीकत में यह वादे किताबी ही साबित होते हैं। क्योंकि इससे ज्यादा अफसोस की बात और क्या हो सकती है कि देश की जनता को मूलभूत जरूरत भी पूरी नहीं हो पा रही है। लोगों को बुनियादी जरूरत यानि पीने के पानी तक के लिए भटकना पड़ता है।जनपद के यमुनानगर विकासखंड शंकरगढ़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बेमरा के मजरा गोरखा में एक गंभीर और चिंताजनक मुद्दा सामने आया है। जिसमें ग्रामीण कुएं के दूषित पानी को पीने को मजबूर हैं। इस दूषित पानी के सेवन से ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर बहुत ही खराब असर पड़ सकता है और उन्हें विभिन्न बीमारियों का खतरा हो सकता है।ग्रामीणों का कहना है कि उनके पास स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की कोई अन्य व्यवस्था नहीं है, जिससे वे कुएं के दूषित पानी को पीने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासियों ने इस मामले में स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से हस्तक्षेप करने और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि जिम्मेदार अधिकारियों व ग्राम प्रधान से इस कुएं को साफ करवाने के लिए कई बार कहा गया मगर किसी का भी ध्यान इस ओर नहीं गया। इस मुद्दे पर ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से संज्ञान लेने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था हो सके और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।






