दशकों से वीरान पड़ा स्वास्थ्य केंद्र खंडहर में तब्दील तलाश रहा भविष्य
विद्रोही सामना संवाददाता
प्रयागराज। जनपद के यमुनानगर विकासखंड शंकरगढ़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा भटपुरा में लगभग 10 वर्ष पहले सरकार ने ग्रामीणों की सुविधा के लिए एक स्वास्थ्य सामुदायिक केंद्र का निर्माण कराया था। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इस अस्पताल में आज तक न तो कोई डॉक्टर बैठा, न कोई मरीज आया और न ही इसका कभी उद्घाटन हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब अस्पताल को चलाना ही नहीं था तो यहां भवन बनाने की क्या जरूरत थी? यह सरकारी धन का खुला दुरुपयोग है।वर्तमान स्थिति यह है कि अस्पताल की इमारत खंडहर में तब्दील हो चुकी है। न दरवाजे बचे हैं, न खिड़कियां। जो जंगले लगे थे उन्हें भी उठा ले जाया गया। परिसर में घास-फूस उग आया है और भवन जर्जर हालत में खड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों की लापरवाही के चलते जनता की सुविधा के लिए बनाए गए इस अस्पताल का कोई उपयोग नहीं हो सका। अब सवाल उठता है कि निर्माण कार्य में शामिल अधिकारी कौन थे? क्या उन्होंने कभी यह सुनिश्चित किया कि अस्पताल शुरू भी होगा? स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की जांच हो और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में सरकारी धन की बर्बादी रोकी जा सके।






